छत्तीसगढ़ भाजयुमो में सिर-फुटौव्वल की नौबत, कार्यकर्ताओं ने दी सुसाइड की चेतावनी

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रायपुर.छत्तीसगढ़ भाजपा में जितनी तेजी से संगठन का विस्तार हो रहा है। बगावत के सुर भी उतने ही ऊंचे होते जा रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई में कार्यकारिणी के साथ-साथ अब तक महिला मोर्चा, युवा मोर्चा, किसान मोर्चा आदि विस्तार हो चुका है, लेकिन सबसे ज्यादा घमासान भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा में मची है।

कार्यकारिणी घोषित होते ही भाजयुमो में सिर फुटौव्वल की नौबत आ गयी। सोशल मीडिया व व्हाट्सएस ग्रुपों में लगातार कार्यकर्ताओं ने बगावती पोस्ट शुरू कर दिये। कार्यकर्ताओं में कईयों ने जहां पदाधिकारियों के जन्म प्रमाण पत्र को जारी करने की मांग रख दी, तो वहीं कईयों ने आत्महत्या तक की चेतावनी दे दी।

अब कार्यकर्ताओं ने बागी तेवर ने भाजयुमो संगठन की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि खुद प्रदेश अध्यक्ष ने कहा है कि कुछ पदाधिकारी जरूर 35 से ज्यादा उम्र के हैं, लेकिन संगठन को बढ़ाने के लिए ये तालमेल बनाना पड़ता है।

भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी के गठन के पहले 35 साल की उम्र की सीमा रखी गयी थी, लेकिन जब कार्यकारिणी की लिस्ट जारी की गयी, तो उसमें 40-41 साल के उम्र के नेताओं की भरमार देखी गयी। ऐसे में वो कार्यकर्ता जो इस उम्मीद में संगठन के साथ जुड़े थे कि उन्हें कार्यकारिणी में जिम्मेदारी दी जायेगी, उनका गुस्सा फूट पड़ा।

संगठन के शीर्ष पदों पर एक नेता 41 साल के हैं। खुद प्रदेश अध्यक्ष अमित साहू मानते हैं कि संगठन में 4 अनुभवी नेताओं को लिया गया है, क्योंकि संगठन को उनके अनुभव की जरूरत है। अब सोशल मीडिया पर भाजयुमो के कई कार्यकर्ता बागी हो गये हैं। खबरों के अनुसार, कुछ ने तो आत्महत्या तक की चेतावनी दे दी है।

बगावत का आलम ये है कि भाजयुमो में जिम्मेदारी पाने से वंचित कार्यकर्ताओं ने अब आत्महत्या तक की चेतावनी दे दी है। कुछ ने तो संगठन में पद पाये नेताओं को बर्थ सर्टिफिकेट जारी करने की भी चुनौती दे दी है।

हालांकि इस मामले में भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष अमित साहू ने कहा है कि संगठन में अनुभव और ऊर्जा दोनों की समान रूप से आवश्यकता होती, लेकिन जो मानते हैं कि पद के बिना वे कुछ नहीं कर सकते, वे ऐसा कर रहे हैं।

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