नशाबंदी का वादा पूरा कब करेगी सरकार ? : रिजवी

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रायपुर. जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के मीडिया प्रमुख, मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम के पूर्व अध्यक्ष, पूर्व उपमहापौर तथा वरिष्ठ अधिवक्ता इकबाल अहमद रिजवी ने कहा है कि प्रदेश सरकार घोषणा पत्र में नशाबंदी के वादे से मुकर रही है। शराब बिक्री की ललचाने वाली बेतहाशा आमदनी के सामने सरकार ने घुटने टेक दिए हैं। प्रदेश में बढ़ते जघन्य अपराध, महिला प्रताड़ना जैसी घरेलू हिंसा एवं एक्सीडेंट की लम्बी फेहरिस्त का प्रमुख कारण शराबखोरी ही है। यह जानते हुए भी सरकार नशाबंदी के पक्ष में नहीं है। दो साल सरकार के पूरे हो चुके हैं। अभी तक सरकार की ओर से नशाबंदी लागू करने का मुहूर्त नहीं निकला है जो प्रदेश सरकार को कटघरे में खड़ा करने के लिए पर्याप्त है। प्रदेश सरकार की नीयत नशाबंदी को लागू करने की नजर नहीं आ रही है। इसका खामियाजा प्रदेश के बेरोजगारों की युवा पीढ़ी पर पड़ना लाजमी है। महिलाओं का जीना दूभर हो चुका है। शराब के नशे में धुत दुष्कर्मियों से निरीह महिलायें अपने आपको कैसे बचा पाएगी। रिजवी ने कहा है कि मदिरा सेवन को सभी धर्मों में वर्जित बताया गया है। उर्दू में शराब का अर्थ है शर और आब का मिश्रण अर्थात् पाप एवं बुराईयों की ओर ले जाने वाला पानी। सभी धर्मों में शराब से दूर रहने की हिदायत दी गई है।  रिजवी ने नशाबंदी लागू करने में झिझक रहे मुख्यमंत्री जी से पूछा है कि प्रदेश में नशाबंदी लागू करेंगे या नहीं और लागू करने का मुहूर्त कब तक निकालेंगे?        

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