हमें माल परिवहन से एतराज नहीं है, लेकिन यात्रियों की उपेक्षा भी बर्दास्त नहीं : केशरवानी

बिलासपुर. प्रेस वार्ता कर जिला कांग्रेस अध्यक्ष शहर ने बताया कि यदि बिलासपुर के भाग्य में संघर्ष लिखा है तो हम संघर्ष करने को तैयार हैं। हमने संघर्ष के बाद ही रेलवे जोन पाया है। अब हम एक बार फिर सड़क पर उतरेंगे। और बन्द 22 गाड़ियों के परिचालन को लेकर संघर्ष करेंगे। और रेलवे प्रशासन को झुकना ही होगा। हमें कोयला परिवहन से कोई एतराज नहीं है। रेलवे प्रशासन को बन्द यात्री गाड़ियों को चलाना ही होगा। इसके लिए हमारी रणनीति भी तैयार हो गयी है। हम रेलवे प्रशासन को पहले आवेदन देंगे..फिर निवेदन करेंगे..और अन्त में जबरदस्त आंदोलन भी करेंगे। और यह सब एक सप्ताह के ही भीतर होगा।

कांग्रेस कार्यालय में जिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष जिले के सभी ब्लाक अध्यक्षों के साथ प्रेसवार्ता किया। विजय केशरवानी ने बताया कि कोरोना काल के दौरान रेल यात्री गाड़ियों का परिवहन बन्द किया गया। कोरोना तो खत्म हो गया..लेकिन रेल गाड़ियों का समुचित परिचालन आज तक नही किया जा रहा है। जिसके चलते यात्रियों को विशेष कर कमजोर वर्ग और व्यापारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।  रेल मंत्रालाय ने हाल फिलहाल अलोकतांत्रिक फैसला लेते हुए बिना किसी सूचना के चार हजार से अधिक स्टापेज को बन्द कर दिया। करगी रोड, घुटकू, बेलगहना खोंगसरा समेत कई छोटे बड़े स्पापेजों पर गाड़ियों का रूकना बन्द हो गया है। जिसके चलते  सामान्य से लेकर मरीजों  और व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रेल मंत्रालय का चुपचाप लिया गया फैसला नागरिकों के मूलभूत अधिकार के खिलाफ है।

जबकि मामले में मुख्यमंत्री, प्रभारी मंत्री ने कई बार चेतावनी देते हुए यात्री गाडियों के संचालन के साथ निर्धारित स्टापेज को शुरू किया जाने का निर्देश भी दिया है। बावजूद इसके रेल प्रशासन अपनी जिद पर अड़ा हुआ है। केशरवानी ने बताया कि कोटा और बिल्हा स्टेशन पर कमोबेश सभी गाड़ियों का स्टापेज खत्म कर दिया है। इतना ही नहीं कोटा में स्टापेज की मांग करने वालों के खिलाफ रेल प्रशासन ने अपराध दर्ज किया है। इसके अलावा अपने अधिकारों की मांग करने वालों के खिलाफ लाखों रूपयों जुर्माना भी लगाया है। ऐसा किया जाना रेलवे प्रशासन की तानाशाही नहीं..तो और क्या है। कांग्रेस नेता ने कहा दिनो दिन पेट्रोल महंगा हो गया है। जाहिर सी बात है कि गरीब जनता पर सड़क से परिवहन का भार बहुत ज्यादा पड़ रहा है।केशरवानी ने बताया कि बिलासपुर जोन माल परिवहन में रिकार्ड पर रिकार्ड स्थापित कर रहा है। देश का सबसे कमाऊ जोन भी है। हमें माल परिवहन से एतराज नहीं है। लेकिन यात्रियों की उपेक्षा भी बर्दास्त नहीं है। रेल प्रशासन को इस बार गंभीरता से विचार करना होगा। कई बार मामले को संज्ञान मे लाया जा चुका है। बावजूद इसके रेलवे प्रशासन जनता की भावनाओं को गंभीरता से लेने को तैयार नहीं है।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि बिलासपुर को सफलता संघर्ष के बाद ही मिलती है। तो हम एक बार फिर संघर्ष के लिए तैयार हैं। रणनीति भी तैयार है….। हमने सभी ब्लाक कांग्रेस अध्यक्षों के साथ मिलकर  विचार विमर्श भी कर चुके हैं। सबसे पहले हम सभी रेलवे स्टेश पहुंचकर जोन जीएम के नाम मांग पत्र देंगे। फिर आवेदन भी करेंगे..और अन्त में जरूर पड़ी तो उग्र आंदोलन कर रेलवे प्रशासन को पुराने आंदोलन को याद कराएंगे। और यह सब एक सप्ताह के भीतर ही होगा।

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