वन अधिकारी से 95 लाख ऐंठने वाले 2 फर्जी पत्रकार गिरफ्तार

बिलासपुर. पत्रकारिता की आड़ में ब्लैक मेलिंग करने वाले बिलासपुर के एक कथित पत्रकार को गर्लफ्रेंड के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों मिलकर वन विभाग के एक रेंजर को अपने रडार में लेकर उगाही में लगे हुए थे। जानकारी के अनुसार कथित पत्रकार और उसकी गर्लफ्रेंड रेंजर से अंतिम क़िस्त लेने गए थे। जानकारों का तो ये भी कहना है कि दोनों एक बड़े गिरोह के मात्र मोहरे है। यदि काल डिटेल की जांच हो तो पत्रकारिता के नाम पर ब्लैक मेलिंग करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हो सकता है।

आर्केस्ट्रा में गाना गाने वाला एक शख्स पत्रकारिता के आड़ में वन विभाग के रेंजर को एक युवती के साथ पत्रकारिता का रौब दिखाकर 95 लाख रुपए ऐंठने के बाद भी 5 लाख रुपए लेने रेंजर के पास जा पहुंचा। रेंजर की शिकायत पर पुलिस ने फर्जी पत्रकार और युवती को गिरफ्तार कर लिया है। यह पूरा मामला मुंगेली थाना क्षेत्र का है। पत्रकारिता की आड़ में 2 पत्रकार और एक महिला साथी ने रेंजर से भारी भरकम रकम वसूल ली है। बताया जा रहा है पत्रकार परमवीर सालो पहले आर्केस्ट्रा में गाना गाता था। लगभग दो साल पहले वो मीडिया में आया। पहले एक चैनल लेके आया फिर अपना खुद का न्यूज़ पोर्टल चलाने लगा। इन लोगों ने रेंजर को सीबीआई कार्यवाही का डर दिखा कर उससे एक करोड़ रुपए की मांग की थी जिसमें से उन्हें 95 लाख रुपए दे भी दिए गए हैं, रकम की अंतिम क़िस्त 5 लाख रुपये लेने बुधवार को परमवीर और उसकी गर्लफ्रेंड वर्षा मुंगेली पहुंचे थे तभी रेंजर ने उनकी शिकायत पुलिस में कर दी और पुलिस ने दोनों को रंगे हाथ पकड़ लिया। पुलिस उनके साथी सरताज ईरानी को भी पकड़ने गई लेकिन उसे मामले की भनक लग गई थी और वह फरार हो गया। बताया जा रहा है कि पूरी उगाही में सरताज की 60 % हिस्सेदारी थी। परमवीर और वर्षा को गिरफ्तार कर टीम ने करीब 7.5 लाख रुपये नगद बरामद किए हैं। इस पूरी कार्यवाही में मुंगेली के अलावा सरगांव पुलिस की विशेष टीम जुटी हुई थी। जिन्होंने इस बड़े मामले का खुलासा किया है। जानकारों का ये भी मानना है इस मामले में जिस पत्रकार और उसकी गर्ल फ्रेंड को गिरफ्तार किया गया है वो केवल मोहरे है। यदि इनकी काल डिटेल निकलवाई जाय तो एक बड़े गिरोह है पर्दाफाश हो सकता है।

वहीं इस पूरे मामले में गौर करने वाली बात यह है कि आखिर रेंजर नेताम ने ऐसा कौन सा घोटाला किया, जिसे अपने राज छुपाने 95 लाख रुपए तथाकथित पत्रकारों को दे दिया, जो न्यूज़ 24 छत्तीसगढ़ के नाम से न्यूज़ पोर्टल चलाते थे, इस मामले में रेंजर से भी पूछताछ कर इस पूरे मामले को गंभीरता से लेने की जरूरत है। क्योंकि 95 लाख देने वाला रेंजर दूध का धुला नहीं हो सकता? अगर इनके दामन में दाग नहीं लगे होते तो इतनी रकम तथाकथित पत्रकारों को नहीं देता।

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