यह देश जुटा डिजिटल कोरोना वायरस पासपोर्ट बनाने में, दुनिया में इस तरह का है यह पहला डॉक्यूमेंट

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विदेशी यात्रा को सक्षम करने के लिए डेनमार्क की सरकार डिजिटल कोरोना वायरस पासपोर्ट की तैयारी का प्लान बना रही है. इससे पता चलेगा कि कार्डधारक का कोविड-19 के खिलाफ टीकाकरण हुआ है या नहीं. इसके अलावा, ये भी जाना जा सकेगा कि कार्डधारक की कोरोना वायरस जांच रिपोर्ट निगेटिव है या पॉजिटिव. सरकार की मंशा यात्रा को सुविधाजनक बनाना और आवागमन खोलने का प्रयास करना है. उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों को प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने के लिए न्योता दिया गया है.

योजना के तहत, लोग वेबसाइट पर लॉग इन कर अपने कोविड-19 टीकाकरण की स्थिति को फरवरी के अंत से जांच सकेंगे. डेनमार्क के वित्त मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि डिजिटल कोरोना वायरस पासपोर्ट और एप्लीकेशन इस्तेमाल के लिए तीन से चार महीने में तैयार हो जाएंगे. उन्होंने कहा, “ये अतिरिक्त पासपोर्ट होगा जिसे आप अपने मोबाइल फोन पर डाउनलोग कर सकेंगे. उसमें आपके टीकाकारण संंबंधी दस्तावेज की जानकारी होगी. दुनिया में हमारे पास इस तरह का दस्तावेज पहला है और हम इसे बाकी के देशों को दिखा सकते हैं.”

उन्होंने बताया कि ये हमारे लिए अहम है कि देश को खोलने के योग्य बनाया जा सके. उससे कंपनियां फिर से पटरी पर आ सकेंगी क्योंकि बहुत सारी डेनमार्क की कंपनियां वैश्विक हैं. महीने के अंत से पहले, पहले कदम के तौर पर, डेनमार्क के नागरिक आधिकारिक पुष्टि के लिए हेल्थ वेबसाइट को चेक करने में सक्षम हो जाएंगे. आपको बता दें कि कोविड-19 की महामारी से अंतरराष्ट्रीय यात्रा में अप्रत्याशित कमी आई है क्योंकि कई देश कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने की कोशिश कर रहे हैं.

पासपोर्ट का इस्तेमाल लोग कांफ्रेंस और म्यूजिक के अलावा स्पोर्ट्स कार्यक्रमों में शिरकत के लिए कर सकेंगे. 29 जनवरी तक देश में करीब 1 लाख 84 हजार लोगों को कोविड-19 की वैक्सीन की पहली खुराक दी जा चुका है. बुधवार को स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि मुल्क में कोरोना वायरस मामलों के ज्यादा संक्रामक वैरिएन्ट में उछाल देखा गया है. सरकार ने एलान किया कि यात्रा के अलावा अन्य उद्देश्यों के लिए डिजिटल पासपोर्ट के इस्तेमाल पर फैसला बाद में लिया जाएगा.

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