सरपंच ने व्यापार में नुकसान की भरपाई के लिए रची थी चोरी की कहानी, पढ़ें क्या है पूरा मामला

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बिलासपुर. सरपंच के मकान में हुई 50 लाख रुपए की कहानी झूठी निकली। कर्जदारों से परेशान होकर सरपंच ने अपने पति के साथ मिलकर सारी कहानी रची थी। पुलिस ने जांजगीर में बेचे गए 6 लाख रुपए के गहनों के दस्तावेज और 28 लाख रुपए बरमाद कर लिए हैं। अब सरपंच और उसके पति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मामला मस्तूरी थाना क्षेत्र का है।

मस्तूरी की सरपंच गिरजा देवी अग्रवाल के पति कमल अग्रवाल ने 4 सितंबर की सुबह 4 बजे अपने घर में चोरी की सूचना दी। कमल ने बताया था कि चोरों ने तीन सितंबर की रात उनके मकान का ताला तोड़कर 15 तोला सोना और 15 लाख नकद पार कर दिया। शिकायत पर ASP रोहित झा, थाना प्रभारी प्रकाश कांत टीम के साथ पहुंच गए। साथ ही डाग स्क्वायड की टीम और फोरेंसिक एक्सपर्ट को मौके पर बुलाया गया।

जांच में पता चला कि एक सितंबर को सरपंच गिरजा अग्रवाल ने अपने सहायक के साथ जांजगीर जाकर 16 तोला सोने के जेवर को बेचा था। वहीं, तीन सितंबर को सरपंच पति कमल अग्रवाल ने 19 लाख की उधारी चुकाई थी। इसके बाद पुलिस ने सरपंच गिरजा अग्रवाल और उसके पति से पूछताछ शुरू कर दी। पहले तो वे गुमराह करते रहे। कड़ाई से पूछताछ में दोनों ने झूठी शिकायत की बात स्वीकार कर ली।

पति-पत्नी ने बताया कि व्यापार में नुकसान के बाद उन्होंने घर का सोना बेचा था। इसकी जानकारी होने पर कमल अग्रवाल की मां के नाराज होने का डर था। इससे परिवार में कलह की आशंका थी। इसके अलावा उन्हें और कर्ज चुकाना था। इससे बचने के लिए उन्होंने चोरी की झूठी शिकायत कर दी। पुलिस ने जांजगीर से जेवर के दस्तावेज जब्त कर लिए हैं।

मामले में पुलिस ने घर में काम करने वालों से लेकर उनके घर आने जाने वालों की लिस्ट तैयार की थी। इसके साथ ही गांव में जानकारी लेकर 100 से अधिक लोगों से पूछताछ की गई। सरपंच के घर समेत गांव और रेलवे स्टेशन का सीसीटीवी फुटेज खंगाला गया। साथ ही आसपास के गांव से भी सीसीटीवी के फुटेज लिए गए। इसमें पुलिस को कोई सुराग नहीं मिल पाया। तब पुलिस को घटना पर संदेह हुआ। पुलिस ने बताया कि चोरी की शिकायत झूठी मिलने के बाद मामले को खत्म माना जाएगा। इसके बाद न्यायालय से अनुमति लेकर आरोपित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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