फ्लॉप करियर के लिए Raj Kapoor को जिम्मेदार मानते थे Rajiv Kapoor, अनबन के कारण उनके अंतिम संस्कार में भी नहीं गए थे

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बॉलीवुड अभिनेता राजीव कपूर का 58 साल की उम्र में कार्डियक अरेस्ट के चलते निधन हो गया है. राजीव का फ़िल्मी करियर कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाया था. उन्होंने 1983 में फिल्म एक जान हैं हम से फ़िल्मी दुनिया में कदम रखा था. फिल्म फ्लॉप साबित हुई थी जिससे राजीव काफी दुखी हो गए थे. इसके बाद उनके पिता राज कपूर ने उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में री-लॉन्च करते हुए ‘राम तेरी गंगा मैली’ बनाई थी जो कि 1985 में रिलीज हुई थी.

राजीव को उम्मीद थी कि इस फिल्म से उनका फ़िल्मी करियर चमक जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ. फिल्म से सबसे ज्यादा फायदा राजीव के अपोजिट कास्ट की गई हीरोइन मंदाकिनी को हुआ. फिल्म की सक्सेस का श्रेय मंदाकिनी को मिला और राजीव कहीं पीछे छूट गए. फिल्म मंदाकिनी के इर्द-गिर्द सिमट गई जिसके कारण राजीव फिल्म के डायरेक्टर और पिता राज कपूर से नाराज हो गए. दोनों के बीच फिल्म के बाद काफी कहासुनी भी हुई और इनके रिश्ते में हमेशा के लिए दरार आ गई. इस फिल्म के बाद राज कपूर ने राजीव को लेकर दोबारा कोई फिल्म नहीं बनाई.

वहीं राजीव ने अंगारे, हम तो चले परदेस, लवर ब्वॉय जैसी फिल्मों में अभिनय किया लेकिन सक्सेस नहीं पा पाए. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, राजीव ने अपने फ़िल्मी करियर में मिली नाकामी का सारा ठीकरा अपने पिता पर फोड़ दिया. वो उनसे इस कदर नाराज़ हो गए कि जब राज कपूर का निधन हुआ तो भी राजीव ने उनके अंतिम संस्कार में पहुंचने की ज़हमत नहीं उठाई.

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