NDRF की टीमों की संख्या बढ़ाई गई, राहत और बचाव कार्य में जुटीं 100 टीमें

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नई दिल्ली. चक्रवात ‘तौकते’ के मद्देनजर राहत एवं बचाव कार्य के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने अपनी टीमों की संख्या 53 से बढ़ाकर 100 कर दी है. बल के महानिदेशक एसएन प्रधान ने एक ट्वीट में कहा कि ये टीम केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, गोवा, गुजरात और महाराष्ट्र के तटीय क्षेत्रों में कूच के लिए तैयार हैं. उन्होंने शुक्रवार को कहा था कि अरब सागर में बन रहे चक्रवाती तूफान के मद्देनजर 53 टीम पूरी तरह तैयार हैं.

प्रधान ने शनिवार को कहा कि भारत मौसम विज्ञान विभाग से चक्रवात के बारे में मिली नई जानकारी के बाद एनडीआरएफ की टीमों की संख्या बढ़ाई जा रही है. उन्होंने कहा कि 100 टीमों में से 42 पहले से ही छह राज्यों में जमीन पर तैनात हैं, जबकि 26 टीम प्रतीक्षा में तैयार रखी गई हैं. प्रधान ने कहा कि 32 टीम मदद के लिए तैयार रखी गई हैं, जिन्हें जरूरत पड़ने पर हवाई मार्ग से संबंधित क्षेत्रों में पहुंचाया जा सकता है.

एनडीआरएफ प्रमुख ने यह भी कहा कि इन टीमों के सदस्यों का कोविड-19 रोधी टीकाकरण किया गया है और ये जरूरी उपकरणों से लैस हैं. बल की एक टीम में 35-40 कर्मी हैं और उनके पास पेड़ तथा खंभों को काटने वाले औजार, नौकाएं, बुनियादी चिकित्सा सामग्री तथा अन्य राहत एवं बचाव उपकरण हैं.

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शुक्रवार को कहा था कि अरब सागर में बने दबाव के क्षेत्र के 17 मई को ‘‘अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान’’ में तब्दील होने और एक दिन बाद इसके गुजरात तट को पार करने की संभावना है. इसने कहा था कि मौसम स्थिति गहरे दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो गई है और इसके शनिवार सुबह तक चक्रवाती तूफान ‘तौकते’ में तब्दील होने की संभावना है. फिर इसके शनिवार रात तक अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की संभावना है.

आईएमडी के चक्रवात चेतावनी प्रभाग ने कहा कि 16-19 मई के बीच पूरी संभावना है कि यह 150-160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के साथ एक ‘‘अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान’’ में तब्दील होगा. हवाओं की रफ्तार बीच-बीच में 175 किलोमीटर प्रति घंटा भी हो सकती है. तूफान को ‘तौकते’ नाम म्यांमा ने दिया है जिसका मतलब ‘छिपकली’ होता है. इस साल भारतीय तट पर यह पहला चक्रवाती तूफान होगा.

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