नवधा भक्ति करता है छत्तीसगढ़िया स्वाभिमान में वृद्धि : त्रिलोक श्रीवास

बिलासपुर. पूरे भारतवर्ष में और विश्व के दर्जनों देशों में भगवान श्री राम की पूजा होती है, अर्चना होती है। श्री रामलीला का मंचन होता है, रामायण और श्री राम गुणगान अखंड राम नाम संकीर्तन होता है, परंतु अखंड नवधा रामायण का आयोजन सिर्फ और सिर्फ छत्तीसगढ़ राज्य में होता है। यह गौरव छत्तीसगढ़ी हो को प्राप्त है भगवान श्री राम वनवास काल के दौरान दंड कारण क्षेत्र में आए थे और यही माता शबरी से उनका भेंट हुआ था। माता शबरी से भेंट करने के पश्चात जब वह ऋषि मतंग के आश्रम से जाने लगे माता शबरी के द्वारा अपने पूर्वजों और जनमानस को शोषित पीड़ित समाज के उद्धार हेतु राह पूछने पर भगवान श्रीराम ने नवधा भक्ति का मार्ग बताया था। जिसे छत्तीसगढ़ वासियों अनुसरण कर नवधा रामायण का आयोजन करते हैं।

नवधा रामायण के आयोजन छत्तीसगढ़ी सम्मान और स्वाभिमान वर्धन करता है। यह बातें जिले के कांग्रेस नेता त्रिलोक श्रीवास, मार्गदर्शक जिला पंचायत सदस्य क्षेत्र क्रमांक 1, मार्गदर्शक, पार्षद वार्ड क्रमांक 68 नगर निगम बिलासपुर द्वारा बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सलखा भाटापारा में शिकारी आदिवासी समाज द्वारा आयोजित अखंड नवधा रामायण के अवसर पर कही गई। इस अवसर पर भाजपा नेता पंडित सुरेंद्र पांडे ने भी रामचरितमानस के प्रसंगों पर अपने विचार व्यक्त किए। इस दौरान ग्राम के सरपंच प्रतिनिधि राम दुलारी खरे, पूर्व उपसरपंच डॉक्टर सीताराम श्रीवास, भाजपा नेता सुनील कश्यप, पंडित राम स्नेही दुबे एवं आयोजन समिति के संत मालिया कुंजीलाल शिकारी, छोटा मालिया, रोशन कश्यप, सूरज कश्यप एवं अन्य ग्राम वासियों द्वारा त्रिलोक श्रीवास का स्मृति चिन्ह एवं पुष्टाहार से स्वागत अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर सैकड़ों ग्रामवासी एवं मानस गायन की दर्जनों टोलियां उपस्थित थी।

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