अधिकांश सरपंच पटवारी की मिलीभगत से बेजा कब्जा : रिजवी

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रायपुर. जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के मीडिया प्रमुख, मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम के पूर्व अध्यक्ष, पूर्व उपमहापौर तथा वरिष्ठ अधिवक्ता इकबाल अहमद रिजवी ने कहा है कि प्रदेश में शासकीय नजूल एवं शासकीय सार्वजनिक उपयोग की राजस्व भूमि बेजा कब्जाधारियों के निशाने पर है। उन्होंने शासन व प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए शासकीय भूमि की लूटमार एवं अफरातफरी पर तत्काल रोक लगाने के लिए स्थापित नियमों को सख्त करने की गुहार लगाई है। शासकीय राजस्व सेवकों एवं जनप्रतिनिधियों को सतर्कता बरतने की सलाह दी है। उनका कहना है कि शासन द्वारा पटवारी एवं सरपंच को भूमि पर हो रहे अतिक्रमण की सूचना सम्बन्धित अधिकारी को देने बाध्य किया जाए अन्यथा भूमाफिया की सक्रियता से वह दिन दूर नहीं जब खासकर ग्रामीण अंचल में शासकीय भूमि का नामोनिशान नहीं मिलेगा। शासकीय भूमि की बंदरबाट प्लाटिंग एवं क्रय-विक्रय में कुछ जनप्रतिनिधि भी सक्रिय है। शासकीय भूमि की अफरातफरी में असामाजिक बिचैलियों को सत्ता पक्ष के रसूखदारों का संरक्षण, सहयोग एवं वरदहस्त प्राप्त है। विगत लगभग 15 वर्षों से बेजा कब्जाधारियों ने इसे व्यवसाय का दर्जा दे दिया है।  रिजवी ने कहा है कि ग्रामीण अंचल की घास, आबादी एवं चारागाह की जमीन को भूमाफिया से मुक्त कराकर उक्त जमीनों पर सामुदायिक भवन, खेल मैदान तथा उद्यान बनाकर गांव का विकास किया जा सकेगा तथा भविष्य में बेजा कब्जों पर लगाम भी स्वयं लग जाएगी। पटवारियों को प्रत्येक माह अपने हल्के की शासकीय भूमि की वस्तुस्थिति से सम्बन्धित राजस्व अधिकारियों के समक्ष स्थल जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने कड़े निर्देश जारी किए जाए।    

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