बजट के एलान के बाद महंगे होंगे मोबाइल फोन, जानें किस फैसले की वजह से होगा ऐसा

आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करने और घरेलू उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार मोबाइल फोन और चार्जर के लिए विदेश से मंगाए जा रहे पार्ट्स पर आयात शुल्क बढ़ाने जा रही है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को बजट पेश करते समय इसकी घोषणा की. सरकार ने मोबाइल फोन मैन्यूफैक्चरिंग में इस्तेमाल होने वाले पार्ट्स समेत 400 आइटम पर दी जा रही आयात शुल्क की समीक्षा करने का फैसला किया है.

अपने भाषण के दौरान निर्मला सीतारमण ने कहा कि हम मोबाइल फोन उद्योग में मास वैल्यू एडिशन के लिए फोन और चार्जर के पार्ट्स पर आयात शुल्क शून्य से बढ़ाकर 2.5 फीसदी करने जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि हमारी आयात शुल्क पॉलिसी के दो मकसद हैं. एक तो इससे घरेलू विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा मिले और दूसरा भारत को ग्लोबल वैल्यू चेन में पहचान मिले साथ ही एक्सपोर्ट को भी बढ़ावा मिले. सीतारमण के मुताबिक अब हमारा ध्यान कच्चे माल तक पहुंच आसान बनाना और आयात में वैल्यू एडिशन करना है.

इतनी बढ़ेगी दर
केंद्र सरकार मोबाइल के मदर बोर्ड, कैमरा माड्यूल, कनेक्टर्स, लीथियम बैटरी बनाने में इस्तेमाल होने वाले पार्ट्स और बैटरी पैक पर एक अप्रैल से 2.5 प्रतिशत आयात शुल्क लगाने जा रही है. वहीं से सरकार ने चार्जर के पीसीबीए पर शुल्क दर 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दी है. यह दर आज से ही लागू होगी. चार्जर के दूसरे पार्ट्स पर रियायतें वापस लेते हुए शुल्क दर 10 प्रतिशत कर दी गई है. यह दर भी आज से ही लागू हो जाएगी.

मोबाइल फोन हो सकते हैं महंगे
मोबाइल और चार्जर के पार्ट्स पर आयात शुल्क बढ़ने के बाद स्मार्टफोन्स की कीमतों में इजाफा होने की आशंका जताई जा रही है. हालांकि इस समय ज्यादातर पुर्जो की देश पर आपूर्ति होने से बहुत असर नहीं पड़ेगा.

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