पहली बातचीत में ही Xi Jinping को Joe Biden ने लताड़ा, पढ़े क्या है वजह

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वॉशिंगटन. डोनोल्ड ड्रंप (Donald Trump) शासन के दौरान चीन (China) को लेकर अमेरिका (America) ने कड़े कदम उठाए गए. खुलकर चीन की विस्तारवादी नीति और तानाशीही रवैये का विरोध किया गया. कई मौकों पर चीन को सबक सिखाया गया. अब जो बाइडेन (Joe Biden) ने भी चीन को आइना दिखा दिया है. पहली बातचीत में ही चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) को बाइडेन ने स्वतंत्र ताइवान-हिंद प्रशांत क्षेत्र और गलत व्यापार नीतियों पर स्पष्ट संदेश दिया है.

‘मानवाधिकारों का हनन न हो’
अमेरिकी (America) राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) ने कार्यभार संभालने के बाद पहली बार चीन के अपने समकक्ष शी चिनपिंग (Xi Jinping) के साथ बातचीत में चीन की गलत व्यापार नीतियों, हांगकांग में उसकी सख्त कार्रवाई, शिनजियांग में मानवाधिकारों का हनन और बढ़ती सक्रियता के बारे में चिंता जाहिर की. बाइडेन के 20 जनवरी को अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने के बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली बातचीत हुई है.

‘अमेरिका को फायदा तो ही साथ में काम’
बाइडेन ने इस बातचीत के बाद ट्वीट किया है -‘मैंने आज राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बात कर चीनी लोगों के लूनर न्यू इयर की शुभकामनाएं दी हैं. मैंने चीन की आर्थिक नीतियों, मानवाधिकार उल्लंघन और ताइवान को धमकाने पर चिंता भी जाहिर की है. मैंने उन्हें बताया है कि जब अमेरिका के लोगों को फायदा होगा तो मैं चीन के साथ काम करूंगा.’

स्वतंत्र तथा खुले हिंद-प्रशांत की वकालत
दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत पर व्हाइट हाउस (White House) ने एक बयान में कहा है कि बाइडेन (Biden) ने अमेरिकी लोगों की सुरक्षा, समृद्धि, स्वास्थ्य और जीवन की रक्षा करने की अपनी प्राथमिकता को दोहराया और एक स्वतंत्र तथा खुले हिंद-प्रशांत की वकालत की. चीन लगभग 13 लाख वर्ग-मील क्षेत्र में फैले दक्षिण चीन सागर को अपना संप्रभु क्षेत्र बताता है और क्षेत्र में कृत्रिम द्वीपों पर सैन्य ठिकानों का निर्माण कर रहा है. इस क्षेत्र पर चीन ब्रुनेई, मलेशिया, फिलीपींस, ताइवान और वियतनाम का भी दावा है.

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