अगर आपको भी पोर्ट करवाना नहीं आता मोबाइल नंबर तो यहां जानें पूरा प्रोसेस

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स्मार्टफोन कितना ही अच्छा हो अगर उसमें नेटवर्क सही नहीं है तो ये फोन आपके ज्यादा काम नहीं आ सकता है. फोन में कॉलिंग और इंटरनेट का होना बहुत जरूरी हो गया है. अगर आप भी अपने मोबाइल नेटवर्क से परेशान हैं तो अपना नंबर दूसरे नेटवर्क में पोर्ट करवा सकते हैं. लेकिन यहां सवाल ये है कि आखिर अपना मोबाइल नंबर पोर्ट करवाएं कैसे. तो आपके इस सवाल का जवाब हमारे पास है. आज हम आपको बताएंगे कि मोबाइल नंबर कैसे पोर्ट करवाया जा सकता है.

अगर आपको अपना नंबर पोर्ट करवाना है तो कम से कम 90 दिन यानी तीन महीने तक आपके द्वारा आपके मौजूदा नंबर का इस्तेमाल होना चाहिए. किसी भी नए नंबर को 90 दिन से पहले पोर्ट नहीं करवा सकते. वहीं अगर आप पोस्टपेड कनेक्शन यूज करते हैं तो आपका कोई बैलेंस ड्यू नहीं होना चाहिए. अगर आपका कोई बैलेंस ड्यू है तो आपका नंबर पोर्ट नहीं हो पाएगा.

नंबर पोर्ट करवाने के लिए ये तय करें कि आपको कौनसा नेटवर्क लेना है. इसके बाद आपको यूपीसी यानि यूनिक पोर्टिंग कोड जनेरेट करना पड़ेगा. इसको जनरेट करने का तरीका बहुत ही आसान है. इसके लिए आपको 1900 पर एक एसएमएस भेजना होता है. जो मैसेज है. portmobile number. ये मैसेज आप सैंड कर दीजिए. इसकी थोड़ी देर बाद आपके पास 1901 नंबर से एक एसएमएस आएगा. इस मैसेज में एक यूनिक पोर्टिंग कोड लिखा होगा.

इसके बाद जिस नेटवर्क का नंबर हम लेना चाहते हैं उस सर्विस प्रोवाइडर के पास जाकर ये यूनिक पोर्टिंग कोड बताना होगा. साथ ही साथ आपको आधार कार्ड भी ले जाना होगा. अगर आपके आधार कार्ड में एड्रेस अलग है तो आपको एक लोकल एड्रेस की आईडी साथ में ले जानी होगी. आई़डी जमा होने के बाद आपका बायोमेट्रिक लिया जाएगा और आपको एक नई सिम दे दी जाएगी.

एक हफ्ते के अंदर आपके पास पोर्टिंग का मैसेज आ जाएगा जिसमें पोर्टिंग की डेट दी गई होगी. जिस दिन की डेट दी गई होगी उस आपके पुराने नंबर के सिग्नल अचानक गायब हो जाएंगे. सिग्नल जाने के बाद आप नई सिम अपने फोन में डाल सकते हैं और नए नेटवर्क की सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं.

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