सैनिटाइजर डाल कर अपने आपको कोरोना से सुरक्षित समझते हैं तो जान लें, 60 फ़ीसदी सैंपल फेल

रायपुर. कोरोनाकाल के दौरान सैनिटाइजर संक्रमण से बचने का एक महत्वपूर्ण अस्त्र माना जाता है। यही कारण है कि छत्तीसगढ़ समेत कोरोना प्रभावित क्षेत्र की सरकारें सैनिटाइजर के उपयोग की अनिवार्यता को लेकर लगातार जोर दे रही हैं। बाजार में भारी मांग को देखते हुए इन दिनों जीवन रक्षक इन पदार्थों के नकली उत्पाद भी बाजार में बड़ी मात्रा में उपलब्ध माने जा रहे हैं। इस बात का खुलासा तब हुआ जब छत्तीसगढ़ राज्य औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारियों ने राजधानी के बाजारों में उपलब्ध विभिन्न कंपनियों के सैनिटाइजर के सैंपलों की जांच की। जिसमें 60 फ़ीसदी सैंपल गुणवत्ताहीन व मापदंड में फेल साबित हुए।

चर्चा के दौरान विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बाजार में उपलब्ध नकली सैनिटाइजर में मिथाइल एल्कोहल पाया गया है, जो कि आंखों के लिए अत्याधिक खतरनाक माना जाता है। उन्होंने बताया कि अपेक्षाकृत कम कीमत में उपलब्ध होने के कारण मिथाइल एल्कोहल का इस्तेमाल किया जाता है।

चर्चा के दौरान विभागीय अधिकारियों ने बताया कि बाजार में उपलब्ध असली व नकली अधिकांश सैनिटाइजर की पहचान खुली आंखों से करना मुश्किल है। देखने में दोनों एक जैसे ही लगते हैं। यही कारण है कि नकली सैनिटाइजर की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है।

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