DRDO ने एंटी रेडिएशन मिसाइल ‘रुद्रम’ का सुखोई फाइटर से किया सफल परीक्षण, देश के मिसाइल जखीरे में और इजाफा

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नई दिल्ली. देश के मिसाइल जखीरे में और इजाफा हो गया है. रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (DRDO) ने आज एंटी रेडिएशन मिसाइल ‘रुद्रम’ का सफल परीक्षण किया है. मिसाइल ‘रुद्रम’ का परीक्षण सुखोई फाइटर एयरक्राफ्ट की मदद से किया गया है. ये स्वदेशी मिसाइल किसी भी तरह के सिग्नल या रेडिएशन को पकड़ सकती है और अपनी रडार पर लाकर उसे नष्ट कर सकती है.

चार दिन पहले डीआरडीओ ने एक एंटी-सबमरीन शस्त्र प्रणाली का सफलतापूर्वक परीक्षण किया था. टारपीडो (एसएमएआरटी) की सुपरसोनिक मिसाइल-असिस्टेड रिलीज को ओडिशा के तट से 5 अक्टूबर को 11:45 बजे सफलतापूर्वक फ्लाइट परीक्षण किया गया था. मिसाइल के रेंज और ऊंचाई तक उड़ान सहित सभी मिशन उद्देश्य, टॉरपीडो की रिलीज और वेलोसिटी रिडक्शन मैकेनिज्म (वीआरएम) पूरी तरह से परफेक्ट थे.

लेजर चालित एंटी-टैंक मिसाइल का सफल परीक्षण किया

इससे पहले एक अक्टूबर को डीआरडीओ ने भारत में बनी लेजर चालित एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (एटीजीएम) का एक बार फिर से सफलतापूर्वक परीक्षण किया था. यह लंबी दूरी तक निशाना साधने में सक्षम है. इसकी टेस्टिंग महाराष्ट्र के अहमदनगर में एमबीटी टैंक अर्जुन के जरिए केके रेंज में की गई. इससे पहले इसका ट्रायल ड्रोन का टेस्ट 22 सितंबर को किया गया था.इस मिसाइल को डीआरडीओ के आयुध अनुसंधान और विकास प्रतिष्ठान (एआरडीई) पुणे, उच्च ऊर्जा सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला (एचईएमआरएल) पुणे और इंस्ट्रमेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (आईआरडीई) देहरादून के सहयोग से विकसित किया गया है.

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