‘चक्‍का जाम’ के दौरान ‘क्‍या करें और क्‍या नहीं’, संगठन ने जारी किए जरूरी दिशानिर्देश

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नई दिल्ली. कृषि कानूनों के विरोध में आज देशभर में ‘चक्का जाम’ है. दिल्ली, यूपी और उत्तराखंड को छोड़कर बाकी समूचे देश में राजमार्गों पर किसान चक्का जाम करेंगे. किसानों ने देश के राष्ट्रीय और राज्य हाईवे बंद करके सभी बार्डरों पर शांतिपूर्ण तरह से बैठे रहने का दावा किया है. संयुक्त किसान मोर्चा ने चक्‍का जाम के संबंध में कुछ महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं.

दिशानिर्देशों के अनुसार, देशभर में राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों को दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक जाम किया जाएगा, लेकिन इस दौरान इमरजेंसी और आवश्यक सेवाओं जैसे एम्बुलेंस, स्कूल बस आदि को नहीं रोका जाएगा. चक्का जाम पूरी तरह से शांतिपूर्ण और अहिंसक रहेगा.

प्रदर्शनकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस कार्यक्रम के दौरान किसी भी अधिकारी, कर्मचारी या आम नागरिक के साथ किसी भी तरह के टकराव में शामिल न हो. दिल्ली की सीमा के अंदर कोई चक्का जाम प्रोग्राम नहीं होगा, क्योंकि सभी विरोध स्थल पहले से ही ‘चक्का जाम मोड’ में हैं. दिल्ली में एंट्री करने के लिए सभी सड़कें खुली रहेंगी, सिवाय उनके, जहां पहले से ही किसानों के पक्के मोर्चे लगे हुए हैं. 3 बजकर 1 मिनट तक हॉर्न बजाकर, किसानों की एकता का संकेत देते हुए, चक्का जाम कार्यक्रम संपन्न होगा.

आंदोलनकारी किसानों ने आश्वासन दिया है कि दिल्ली में प्रस्तावित ‘चक्का जाम’ नहीं किया जाएगा. लेकिन किसान नेताओं की कथनी पर भरोसा नहीं किया जा सकता है. 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा को देखते हुए पुलिस ने एहतियात के तौर पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है.

दिल्ली पुलिस के पीआरओ चिन्मय बिस्वाल ने कहा, “हालांकि हमें पता चला है कि किसानों की राजधानी में चक्का जाम करने की कोई योजना नहीं है, लेकिन 26 जनवरी को समझौते को विफल करने के मद्देनजर, हम कोई चांस नहीं लेना चाह रहे हैं. विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों में विस्तृत व्यवस्था की है.”

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