कोरोना के बाद पटरी पर लौटेगा विकास, नया रिकॉर्ड कायम करेंगे सड़क परिवहन और रेलवे

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नई दिल्ली. पिछले साल दुनिया में दस्तक देने वाले जानलेवा कोरोना वायरस ने कई देशों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया. भारत में इन देशों में से एक था. कोरोना से जहां कई सड़क परिवहन अटक गई वहीं रेलवे को अरबों रुपए का नुकसान हुआ. लेकिन कोरोना के बाद अब देश का विकास धीरे धीरे पटरी पर लौटने लगा है. रेलवे और सड़क परिवहन मंत्रालय इस साल नया रिकॉर्ड कायम कर सकते हैं.

हर दिन कम से कम 40 किलोमीटर सड़क का निर्माण होगा- गडकरी : इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बताया है कि इस वित्त वर्ष में अबतक हर दिन औसतन 28.56 सड़क का निर्माण किया गया है, जो पिछले साल मार्च के आखिर तक 28 किलोमीटर था. इस साल आठ से 18 जनवरी तक देश में 547 किमी सड़कों का निर्माण किया गया है. मंत्रालय ने कहा है कि इस वित्त वर्ष के आखिर तक औसतन हर दिन कम से कम 40 किलोमीटर सड़क का निर्माण होगा.

इतना ही नहीं नितिन गडकरी ने बताया है कि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में अबतक लगभग एक हजार किलोमीटर ज्यादा राजमार्ग बनाए गए हैं. उन्होंने कहा, ‘’सालों पहले जब मैंने कहा था कि भारत हर दिन 40 किलोमीटर सड़कों का निर्माण करेगा तो लोग हंसते थे, लेकिन अब वास्तव में ऐसा होने जा रहा है.’’ सरकारी अधिकारी के मुताबिक, इस साल परियोजनाओं को देखते हुए बजट में रेलवे और सड़क परिवहन को अब तक का सर्वाधिक आवंटन मिल सकता है.

मालगाड़ी की गति एक साल पहले की तुलना में दोगुनी हुई- गोयल : वहीं, रेल मंत्री पीयूष गोयल का कहना है कि कोरोना अवधि के दौरान हम बुनियदी ढांचा के करीब 200 लंबित कार्यों को पूरे करने में सफल रहे. इन परियोजनाओं के पूरे हो जाने से हमें रेलवे के भविष्य के लिए बेहतर योजना बनाने में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि अब मालगाड़ी की गति एक साल पहले की तुलना में दोगुनी हो गई है और वे अब समय से चल रही हैं.

पीयूष गोयल ने बताया कि जनवरी के आखिर तक रेलवे एक महीने में माल ढुलाई की सबसे ज्यादा मात्रा को एक महीने में पूरा कर सकता है. उन्होंने कहा कि ये मात्रा दो साल पहले यानी मार्च 2018 में बने रिकॉर्ड को छू सकती है या उसे तोड़ सकती है. इस महीने रेलवे द्वारा कुल माल भाड़ा लगभग 103 मिलियन टन है, जो पिछले साल की तुलना में 8.5 फीसदी ज्यादा है. अधिकारियों बताया कि इस बार माल भाड़ा के 119.7 मिलियन टन को छूने की संभावना है, जो मार्च 2018 में निर्धारित मासिक रिकॉर्ड था.

कमाई पिछले साल की तुलना में लगभग 8 फीसदी कम : हालांकि रेलवे की कमाई अभी भी पिछले साल की तुलना में लगभग 8 फीसदी कम है और ये लगभग 93 हजार करोड़ रुपये है, लेकिन इस महीने में रेलवे ने 10,000 करोड़ रुपये कमाए, जो जनवरी 2020 की तुलना में छह फीसदी ज्यादा है. वहीं, राष्ट्रीय ट्रांसपोर्टर अब तक 972 मिलियन टन से अधिक माल ढुलाई कर चुका है. अधिकारियों का दावा है कि वित्तीय वर्ष खत्म होने तक आंकड़े 1,200 मिलियन टन से ज्यादा हो जाएंगे.

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