हाथरस काण्ड में सवर्ण परिषद द्वारा आरोपियों का पक्ष लेना गैरवाजिब : जकांछ

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रायपुर.जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के मीडिया प्रमुख, मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम के पूर्व अध्यक्ष, पूर्व उपमहापौर तथा वरिष्ठ अधिवक्ता इकबाल अहमद रिजवी ने कहा है कि उत्तरप्रदेश के हाथरस में निरीह दलित बालिका के साथ किया गया बलात्कार हत्याकांड ने दरिंदगी की सभी सीमाऐं पार करते हुए इन्सानियत को शर्मसार कर दिया है जिसकी जितनी निंदा की जाए कम है। हाथरस कांड की निंदा के लिए सभी निंदनीय शब्द बौने हो गए हैं। इस हत्याकांड सहित हाल ही में हुए बलरामपुर गैंगरेप हत्याकांड ने उत्तरप्रदेश को जघन्य अपराध का गढ़ बना दिया है। शासन-प्रशासन सहित पुलिस की संदिग्ध भूमिका पर सवालिया निशान लग चुके हैं। इनमें से खुदा न करे किसी भी बालिका के साथ यह घटना घटी होती तो पूरे देश में जनता चर्चित निर्भया कांड की तरह का अकल्पनीय प्रदर्शन कर चुकी होती। रिजवी ने राष्ट्रीय सवर्ण परिषद द्वारा हाथरस कांड के आरोपित दबंगों का पक्ष लेकर पुलिस अधीक्षक आफिस में जाना अमानवीय है। सवर्ण परिषद को यह शोभा नहीं देता है। परिषद को चाहिए था कि इस प्रकार के निंदनीय अमानवीय अपराधिक कृत्य को एक ही चश्में से देखे। परिषद ने इस काण्ड में जल्दबाजी करके पुलिस पर दबाव बनाने का प्रयास किया है जो अनुचित एवं असामयिक है तथा सवर्ण परिषद के इस पक्षपातीय प्रयास ने यह सिद्ध कर दिया है कि घुटना पेट की तरफ ही मुड़ता है चाहे अपराधी पर कितना ही संगीन आरोप क्यों न हो? आरोपियों का पक्ष लेना देश के सवर्णो को भी बुरा लगा है। इस मामले में अदालत का फैसला आने पर ही दूध का दूध एवं पानी का पानी स्पष्ट हो जाएगा, तब तक सभी को इंतजार करना चाहिए।
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