सऊदी अरब की मशहूर महिला अधिकार कार्यकर्ता को छह साल की सजा, मानव अधिकारों पर रही हैं मुखर

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दुबई. सऊदी अरब की एक मशहूर महिला अधिकार कार्यकर्ता को छह वर्ष जेल की सजा सुनाई गई है. सरकारी मीडिया के मुताबिक, आतंकवाद-रोधी कानून के तहत सोमवार को सजा का एलान किया गया. महिला अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाली लुजैन अल-हथलौल पिछले करीब ढाई वर्ष से जेल में हैं, जिसकी आलोचना कई दक्षिणपंथी समूह और अमेरिकी सांसदों समेत यूरोपीय संघ के सांसद भी कर चुके हैं.

सऊदी अरब में महिला अधिकार कार्यकर्ता को छह साल की जेल

अल-हथलौल की गिनती महिलाओं को वाहन चलाने की अनुमति देने और ‘पुरुष अभिभावक कानून’ हटाने की मांग करनेवालों में होती थी. उनका मानना था कि इससे महिलाओं के स्वतंत्रतापूर्वक आने-जाने के अधिकारों का अतिक्रमण हो रहा है. सरकारी मीडिया ने बताया कि आतंकवाद-रोधी अदालत ने अल-हथलौल को विभिन्न आरोपों में दोषी पाया, जिनमें बदलाव के लिए आंदोलन, विदेशी एजेंडा चलाना, लोक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने के लिए इंटरनेट का उपयोग आदि शामिल हैं.

आतंकवाद के खिलाफ बनाए गए कानून के तहत सुनाई गई सजा

इसके अलावा अदालत ने अल-हथलौल को उन व्यक्तियों एवं प्रतिष्ठानों का सहयोग करने का भी दोषी ठहराया है, जिन्होंने आतंकवाद-रोधी कानून के तहत अपराध किया. महिला अधिकार कार्यकर्ता के पास फैसले को चुनौती देने के लिए 30 दिन का समय है. 31 वर्षीय सऊदी कार्यकर्ता सऊदी अरब में मानव अधिकारों की स्पष्ट रूप से मुखर, यहां तक कि जेल के पीछे से भी रही हैं. उन्होंने अपनी कैद के विरोध में भूख हड़ताल शुरू कर अन्य महिला कार्यकार्ताओं का साथ दिया.

उन्होंने जज से अपनी शिकायत में तहकीकात के दौरान नकाबपोश पुरुषों पर प्रताड़ना और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया. एक दर्जन से ज्यादा सऊदी महिला अधिकार कार्यकर्ता मुकदमे का सामना कर रही हैं. कुछ कार्यकर्ताओे और उनके परिवार को दबाव डालकर खामोश करा दिया गया है. मगर अमेरिका और यूरोप में बसे अल-हथलौल के परिजन सरकारी दमन के खिलाफ लगातार आवाज उठाते रहे हैं और उन्होंने अल-हथलौल की रिहाई की मांग की है.

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