शासन अन्य नजूल भूमि के फर्जीवाड़ों की जांच करवाकर लीज रद्द करें : रिजवी

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रायपुर.  जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के मीडिया प्रमुख, मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम के पूर्व अध्यक्ष, पूर्व उपमहापौर तथा वरिष्ठ अधिवक्ता इकबाल अहमद रिजवी ने कहा है कि शासकीय नजूल भूमि के साथ फर्जीवाड़ा एवं नियमों के उल्लंघन के कई प्रकरण समाचार पत्रों की सुर्खियां बने हुए हैं। ताजा उदाहरण क्वींस क्लब की शासकीय भूमि का उजागार हुआ है तथा जांच कमेटी ने जांचोपरांत उसकी लीज को खत्म करने की अनुशंसा कर अंतिम निर्णय हेतु शासन को प्रेषित किया है। रिजवी ने शासन का ध्यान आकर्षित कर कहा है कि इसी तरह के अन्य नजूल भूखंडो के क्रय-विक्रय में फर्जीवाड़ा एवं बैनामों में कूटरचना की गई है जो न केवल लीज होल्डर वरन् शासन के साथ भी धोखाधड़ी का अपराधिक कृत्य है। उन शासकीय भूखंडो के साथ नियमों का उल्लंघन करते हुए तत्कालीन पंजीयन विभाग के अधिकारियों ने क्रेता से मिलीभगत कर शासकीय भूमि की अफरातफरी में पूरी तरह अपराधिक सहयोग प्रदाय किया गया। कई खरीद फरोख्त के दस्तावेज यानि बैनामें तो ऐसे हैं जिनमें विक्रेता लीज होल्डर के हस्ताक्षर ही नहीं है जिसकी लीज धारक एवं शासन को भनक तक नहीं लगी और गोपनीय तरीके से सौदा दिखा दिया गया जो शासन के विरूद्ध किया गया गंभीर अपराध है। इस कड़ी में शहर के हृदय स्थल स्थित शहीद स्मारक भवन के सामने जी.ई. रोड स्थित ब्लाक नं. 98 के प्लाट नं. 1/2 एवं 1/3 की बेशकीमती नजूल भूमि के बैनामों में चालबाजी कर जमीन हथयायी गई है। विक्रेता लीज होल्डर के साथ-साथ उक्त नजूल भूखण्डों के असली मालिक तथा शासन के साथ भी अपराधिक फर्जीवाड़ा किया गया है। दोनों भूखण्ड करीब 28 हजार वर्ग फुट के हैं जिसका वर्तमान बाजार मूल्य लगभग 100 करोड़ रूपया होता है। इस मामले के अलावा अन्य फर्जीवाड़े के सभी मामलों में शासन से अनुरोध है कि तत्काल संज्ञान लेकर उच्चस्तरीय जांच करवाकर लीज रद्द करें।
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