महिला कृषक मदनीबाई तलाण्डी ने आधुनिक तकनीक से मछलीपालन कर बढ़ायी आमदनी

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बीजापुर. जिले के बीजापुर तहसील अंतर्गत नुकनपाल निवासी महिला कृषक श्रीमती मदनीबाई तलाण्डी खेती-किसानी के साथ आधुनिक तरीके से मत्स्यपालन कर अपनी आमदनी में आशातीत वृद्धि कर चुकी है। यह सब मत्स्यपालन विभागीय योजनान्तर्गत किसानों को स्वयं की भूमि में तालाब निर्माण हेतु बैंक के माध्यम से ऋण-अनुदान सुलभ कराने सहित महिला कृषक मदनीबाई तलाण्डी की अथक परिश्रम एवं लगन के बूते फलीभूत हुआ है। इस योजना से लाभान्वित हितग्राही श्रीमती मदनीबाई बताती हैं कि अपने करीब 5 एकड़ खेती जमीन में से तीन एकड़ रकबे में धान की फसल लेती थीं और शेष कृषि भूमि में कोदो-कुटकी आदि लघु धान्य फसल सहित उड़द-कुल्थी जैसे स्थानीय दलहन की खेती कर रही थीं। इस बीच विगत तीन वर्ष पहले मछलीपालन विभाग के अधिकारियों ने उन्हे स्वयं की भूमि पर तालाब निर्माण हेतु ऋण अनुदान के बारे में विस्तृत जानकारी दी और प्रकरण तैयार किया। इसके पश्चात बैंक से 7 लाख रूपए का ऋण प्रदान किया गया, जिसमें 2 लाख 80 हजार रूपए का अनुदान उपलब्ध कराया गया। इस राशि से स्वयं की एक हेक्टेयर भूमि पर तालाब निर्माण कराया। वहीं मछलीपालन की उन्नत विधि जानने-समझने के लिए 10 दिवसीय प्रशिक्षण प्राप्त किया। महिला कृषक मदनीबाई ने बताया कि वे वर्ष 2016-17 से मछलीपालन कार्य आरंभ किया, जिसके तहत् आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए बेग फीडिंग के द्वारा मछलियों को पूरक आहार सहित स्थानीय चुन्नी, खल्ली एवं सड़े गोबर की खाद देना शुरू किया। वहीं तालाब में समय-समय पर जाल चलाकर मछलियों के बढ़वाॅर का विशेष रूप से ध्यान रखा। इस दिशा में मत्स्यपालन विभाग के मैदानी अमले से नियमित तौर पर परामर्श भी लिया, जिससे पहले साल में ही 15 क्विंटल मछली का आशाजनक उत्पादन प्राप्त हुआ और करीब 3 लाख रूपए की आमदनी हुई। मदनीबाई बताती हैं अपने उन्नत मछलीपालन को निरंतर जारी रखा और अच्छी आय के फलस्वरूप विगत वर्ष पूरी बैंक ऋण 4 लाख 30 हजार रूपए अदा कर दी। इसके साथ ही शेष राशि और घर की बचत राशि से दो डबरी का निर्माण कराया है और उसमें भी मछलीपालन शुरू किया है। इसके साथ ही तालाब एवं डबरी के पानी का समुचित दोहन कर दो एकड़ रकबे में साग-सब्जी उत्पादन कर रहे हैं। मदनीबाई को अपने खेती-किसानी तथा मछलीपालन कार्य में उनके पति गोविंद तलाण्डी सक्रिय होकर मदद करते हैं। जिससे उनका परिवार हर साल करीब 5 लाख रूपए की आमदनी अर्जित कर रहा है और खुशहाल जीवन-यापन कर रहा है। मदनीबाई ने मछलीपालन को कम लागत और कम मेहनत से अधिक फायदे का पेशा निरूपित करते हुए योजना से लाभान्वित करने हेतु सरकार को धन्यवाद दिया।  

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