पढाई तुंहर दुआर एवं पढ़ई तुंहर पारा जैसे कार्यक्रमों से शिक्षक जगा रहे शिक्षा का अलख

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बिलासपुर.बिलासपुर जिले में कोविड 19 के कारण अप्रैल 2020 से विद्यालयों मे बच्चों की नियमित पढाई नहीं हो पाने के बावजूद कलेक्टर डाॅ.सारांश मित्तर के मार्गदर्शन में जिले के शिक्षकों द्वारा ‘‘पढ़ई तुंहर दुआर‘‘ एवं पढ़ई तुंहर पारा जैसे कार्यक्रमों से बच्चों को लगातार शिक्षा दी जा रही है। स्कूल शिक्षा विभाग के पोर्टल के माध्यम से आनलाईन कक्षाओं की शुरुआत की गई है साथ ही मोबाईल विहिन बच्चों को विविध प्रकार के वैकल्पिक साधनों-पढ़ई तुंहर पारा, मोहल्ला कक्षाएं, लाउड स्पीकर स्कूल और बुल्टू के बोल के द्वारा अध्यापन कराया जा रहा है।

जिले में कक्षा पहली से आठवीं तक के बच्चों को शिक्षा के मुख्य धारा से जोडे रखने एवं वैकल्पिक शिक्षा पद्धति के सुचारु रुप से संचालन हेतु जिला स्तर विकासखण्ड एवं संकुल स्तर पर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। बिलासपुर जिले में 1114 प्राथमिक 520 उच्च प्राथमिक (मिडिल) 110 माध्यमिक (हाईस्कूल) एवं 108 उच्चतर माध्यमिक (हा.से.) सहित कुल 1852 स्कूल संचालित है, जिनमें से 17 नेटवर्क विहीन स्कूलों को छोड़कर शेष 1837 शासकीय विद्यालयों में वर्चुअल ग्रुप बनाया गया है। वर्चुअल स्कूलों में कुल 9143 शिक्षक तथा कुल दर्ज संख्या 251543 में से 179240 बच्चे पंजीकृत है।

जिले के समस्त 218 हाई/हा.से. विद्यालयों सहित कुल 387 विद्यालयों में नियमित रूप से आनलाईन कक्षा का संचालन किया जा रहा है। जिले के शिक्षकों द्वारा माह अप्रैल से अब तक 303084 आनलाईन कक्षाएं ली गई है। जिसमें औसत 55 विद्यार्थी प्रत्येक कक्षा में उपस्थित रहते है। शासकीय शालाओं में विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में अध्ययनरत बालकों के पास मोबाईल और नेटवर्क की सुविधा उपलब्ध नहीं रहती इसलिये इन विद्यालयों में वैकल्पिक साधनों से शिक्षा दी जा रही है। पूरे जिले में वैकल्पिक शिक्षा-पढ़ई तुंहर पारा के अंतर्गत 1359 शिक्षकों द्वारा 2274 मोहल्ला/पारा कक्षा का संचालन किया जा रहा है। जिसमें प्राथमिक शाला के 24867 पूर्व माध्यमिक के 15233 हाई/हा.से. के 2021 कुल 42121 बच्चे अपने मोहल्ला में ही शिक्षकों से पढ़ाई कर रहे है। इसके साथ-साथ 161 लाउड स्पीकर एवं 344 बुल्टू के बोल के द्वारा क्रमषः 3856 एवं 3132 बच्चों को शिक्षक एवं शिक्षा सारथी उनके गांव में जाकर अध्यापन करा रहे है।

जिले में आनलाईन कक्षा लेने वाले शिक्षकों के द्वारा नवीन तकनीकों का प्रयोग किया जा रहा है। cgschool.in पोर्टल द्वारा शिक्षक न केवल आनलाईन अध्यापन कर रहे है वरन विश्व दिव्यांग दिवस, बाल दिवस गांधी जयंती जैसे महत्वपूर्ण दिवसों का भी जिला स्तरीय वेबीनार आयोजन किया जा रहा है। इसी प्रकार कोविड-19 संक्रमण काल में स्वास्थ्य मंत्रालय, भारत सरकार के गाईड लाईन-सेनेटाईजर, मास्क का प्रयोग एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए शिक्षकों के द्वारा शिक्षा के नवीनतम तकनीको एवं सहायक सामग्रियों का उपयोग करते हुए पारा/मोहल्ला कक्षाओं का संचालन कर रहे है। कन्टेनमेंट जोन के गांवों में शिक्षकों के द्वारा लाउडस्पीकर स्कूल तथा बुल्टू के बोल के द्वारा शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराते हुए बच्चों के पढ़ाई में निरतंरता रखा जा रहा है।

शिक्षकों द्वारा बच्चों को शिक्षा देने के लिये अपनायी जा रही नवीन तकनीकों को स्कूल शिक्षा विभाग के स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डाॅ. आलोक शुक्ला ने अपने बिलासपुर प्रवास के दौरान जिले के विभिन्न विकासखंडों में संचालित मोहल्ला/पारा स्कूलों का भ्रमण किया तथा शिक्षकों के प्रयास की भरपूर सराहना करते हुए शिक्षकों का उत्साहवर्धन किया।

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