नवंबर के सिर्फ 21 दिन में ही प्रदेश में मिले 2284 कोरोना के नए मरीज

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रायपुर. जैसी की आशंका थी, राजधानी-प्रदेश में नवंबर में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है। संक्रमण बढ़ने की रफ्तार भले ही ज्यादा तेज नहीं है, लेकिन मौतों के आंकड़े डराने वाले हैं। अक्टूबर के 30 दिन में प्रदेश में कोरोना से 181 लोगों की जान गई थी। नवंबर के 21 दिन ही हुए हैं और कोरोना 309 लोगों की जान ले चुका है, जबकि महीना पूरा होने में 9 दिन बाकी है। डॉक्टरों के मुताबिक अब लोग कोरोना के लक्षण को नजरअंदाज कर रहे हैं और देर से जांच करवा रहे हैं। इस वजह से गंभीर हालत में अस्पताल पहुंच रहे हैं, जिन्हें बचा पाना मुश्किल हो रहा है। यही वजह है कि मौतें अचानक तेजी से बढ़ गई हैं। केवल नवंबर माह के 21 दिन की समीक्षा की जाए तो रोजाना 15 से ज्यादा लोगों की कोरोना से जान जा रही है।

82% मौतें आईसीयू में : यही वजह है कि नवंबर में जिन 309 लोगों की मौत कई अस्पतालों में हुई है, उनमें 253 मरीजों की मौत आईसीयू व एचडीयू में हुई। बाकी मरीजाें की मौत आइसोलेशन वार्ड में हुई। यानी 82 फीसदी मरीज गंभीर थे, जिनका इलाज आईसीयू व एचडीयू में चल रहा था। आइसोलेशन वार्ड में मौत की संख्या कम हुई है, क्योंकि अब गंभीर मरीजों का इलाज आईसीयू व एचडीयू में किया जा रहा है। रायपुर में नवंबर में 33 मौत हो चुकी है।

3 अस्पताल में 454 की मौत : राजधानी के 30 निजी अस्पतालों में 478 कोरोना मरीजों की मौत हुई है। जबकि एम्स, अंबेडकर व माना अस्पताल में 454 लोगों की जान गई है। सीएमएचओ कार्यालय के अनुसार मंगलवार तक एम्स में 224, अंबेडकर में 220 व माना में 10 मरीजों ने दम तोड़ा। निजी अस्पतालों में अगस्त से मरीजों के खर्च पर इलाज शुरू किया गया। तब राजधानी के केवल 10 अस्पतालों को इलाज के लिए मान्यता दी गई थी। अब इसकी संख्या बढ़कर 30 हो गई। 14 कोरोना केयर सेंटर का संचालन भी किया जा रहा है, जहां केवल एक मौत आयुर्वेद कॉलेज में हुई है। इनमें 5 सेंटर में 97 मरीजों का इलाज चल रहा है।

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