गांधी जयंती पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सभी जिलों से जुड़े

बिलासपुर. गांधी जयंती के पावन अवसर पर आज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विभिन्न जिलों के जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं  हितग्रहियों से जुड़े। मुख्यमंत्री ने आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं लालबहादुर शास्त्री को याद किया । उन्होंने कहा कि गांधी जी का जीवन अपने आप में संदेश हैं। वे स्वयं लोगों के समक्ष उदाहरण प्रस्तुत करते थे। हमें उनके द्वारा दी गई सीख को अपने जीवन में उतारना चाहिए।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य गांधी जी द्वारा बताए ग्राम सुराज की अवधारणा पर ही चल रहा है। उन्होंने इस दौरान दुर्ग जिले में महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आधारशिला एवं भूमिपूजन भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार वनवासियों को जंगल जमीन पर मालिकाना हक दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है एवं सरकार उनकी बेहतरी के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने राज्य के सभी वन भूमि पट्टा अधिकारियों से अपने अधिकार और अवसर का भरपूर लाभ उठाने की अपील की। इस अवसर पर उन्होंने वन संसाधन अधिकार पत्रों का वितरण किया एवं हितग्रहियों से बात भी की।
इसी तारतम्य में कलेक्टर डॉक्टर सारांश मित्तर ने 17 ग्राम पंचायतों का सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र संबंधित ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों को प्रदान किया। उन्होंने आबंटित भूमि की सुरक्षा करने के सुझाव उपस्थित जनप्रतिनिधियों को दिए। वनमण्डल अधिकारी निशांत कुमार ने बताया कि वन क्षेत्र के  ग्राम पंचायतों की 5332 हैक्टेयर भूमि का वन संसाधन अधिकार  पत्र 17 ग्राम पंचायतों को दिया गया। इनमें कोटा अनुविभाग की कोनचरा, नवागांव सोनसाय, रिगरिगा, सल्का, लिटिया, नवागांव, सक्तीबहरा, नागचुवा, मझगांव, बारीडीह, चपोरा, छतौना, परसापानी, सेमरिया एवं बिलासपुर अनुविभाग की  धौरामुड़ा, लिम्हा एवं बिटकुली शामिल हैं।  इस अवसर पर एडीएम बी. एस. उईके, एसडीएम कोटा आनंद रूप तिवारी सहित वन विभाग और आदिवासी विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
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