किसान के घर भोजन अमित शाह का दिखावा : रिजवी

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रायपुर. जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के मीडिया प्रमुख, मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम के पूर्व अध्यक्ष, पूर्व उपमहापौर तथा वरिष्ठ अधिवक्ता इकबाल अहमद रिजवी ने कहा है कि पश्चिम बंगाल की सर्वधर्म संभाव में विश्वास रखने वाली जनता ममता बैनर्जी के साथ चट्टान की तरह खड़ी है। ममता की लोकप्रियता के आगे भाजपाई एक-एक वोट के लिए लड़ती नजर आ रही है तथा अपनी चिरपरिचित विघटनकारी सोच यानि फूट डालो और राज करो की नीति जिसे गुलाम भारत देश में अंग्रेजो ने अपनाया था, के तहत तृणमूल कांग्रेस के कुछ सांसद एवं विधायकों को हार्स ट्रेडिंग के माध्यम से इस्तीफा दिलवाकर और लालच देकर बंगाल में अपनी ताकत बढ़ाने का असफल प्रयास कर रही है जो अंत में मुंगेरीलाल के हसीन सपने सिद्ध होने वाली है। ममता के दमखम के आगे तथाकथित भाजपाई शेर ढेर होने वाले हैं। पिछले चार सालों तक भाजपाई प्रधानमंत्री, गृहमंत्री सहित बड़बोले भाजपाई नेताओं ने बंगाल की तरफ झांकना भी मुनासिब नहीं समझा जो भाजपा की सत्ता लोलुपता की पोल खोलता है।  रिजवी ने गृहमंत्री अमित शाह द्वारा एक किसान के घर मिदनापुर (बंगाल) पहुंच कर भोजन ग्रहण करने को दिखावा निरूपित कर कहा है कि पिछले चार सालों तक बंगाल के किसी किसान के घर जाकर भोजन नहीं किया गया जो शाह सहित भाजपा के चुनावी स्टंट तथा वर्तमान में चल रहे किसान आंदोलन को तोड़ेने का असफल प्रयास को दर्शाता है। यह सब भाजपा के हिडन एजेण्डा का फार्मूला है जिससे न केवल बंगाल वरन् सम्पूर्ण देश की जनता भलीभांति वाकिफ है। भाजपा अपने बड़े-बड़े उद्योगपतियों की आर्थिक मदद के दम पर बंगाल की चुनावी वैतरणी पार करने का हर जुगाड़ अपना रही है क्योंकि आम जनता जानती है कि बंगाल की पराजय के बाद एक भी भाजपाई नेता बंगाल में दिखलाई नहीं देगा। भाजपा को इस चुनाव में उद्योगपतियों के साथ-साथ विभिन्न चैनलों का भरपूर समर्थन मिल रहा है। चैनलों को तो पैसा चाहिए इसीलिए आजकल कुछ चैनल भाजपा के थोथे गुणगान में ता थैय्या करते नजर आ रहे हैं, जो लोकतंत्र के प्रभावशाली स्तंभ पत्रकारिता को बदनाम करने वाला हथकंडा सिद्ध हो रहा है।

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