ऑनलाइन परीक्षा के लिए सीवीआरयू बना अंचल का बड़ा केंद्र, कुलसचिव ने कहा – कोरोना काल के 6 माह में 10 साल आगे पहुंची शिक्षा व्यवस्था

बिलासपुर. डाॅ. सीवी रामन् यूनिवर्सिटी अब पूर्ण वर्चुअल विश्वविद्यालय बनने की राह के अंतिम चरण में है। कोरोना संक्रमण के दौरान वर्चुअल विश्वविद्यालय बनाने के लिए तकनीकी अपडेशन किया जा रहा है। विद्यार्थियों का ऑनलाइन प्रवेश,ऑनलाइन क्लासेस, नेशनल व इंटरनेशनल वेबीनार, परीक्षा, प्राध्यापकों को प्रशिक्षण, ऑनलाइन कोर्स मटेरियल उपलब्धता सहित सभी प्रक्रियाएं ऑनलाइन की जा चुकी हैं। इसके साथ कैट, एम्स, एनटीए, आईपीबीएस, और जेईई, यूजीसी, नेट, रेलवे सहित केंद्र व राज्य सरकार की सभी ऑनलाइन परीक्षा के लिए हाईटेक लैब तैयार किया गया है।

विश्वविद्यालय ऑनलाइन परीक्षा के लिए अंचल का एक बड़ा केंद्र है। इस बारे में कुलसचिव गौरव शुक्ला ने बताया कि कोरोना संक्रमण के इस विश्वव्यापी संकट के समय में पूरी शिक्षा व्यवस्था 10 साल आगे चली गई है। यानी कि जिस व्यवस्था, सुविधा, तकनीक, प्रक्रिया और विचार में तक जाने में हमें 10 साल का समय लगता, उसे कोरोना ने 6 माह मे ही पूरा कर दिया। साथ ही साथ नई शिक्षा नीति भी एक बड़े अपडेट के रूप में सामने है। ऐसे में सबसे पहली प्राथमिक जिम्मेदारी शिक्षण संस्थानों की है कि वे सबसे पहले अपडेट हों। इसलिए हमनें कोरोना संक्रमण के शुरूआत से ही विश्वविद्यालय को वर्चुअल विश्वविद्यालय बनाने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी थी, जो अब अंतिम पड़ाव में है। विश्वविद्यालय में पूर्व में 500 एमबीपीएस की इंटरनेट सुविधा थी, जिसे बढ़ाकर 1 हजार एमबीपीएस किया गया है, ताकि नेट की परेशानी न हो और तेजी से और बेहतरी से कार्य किया जा सके। इसी तरह कम्प्यूटरों की संख्या 1 हजार से बढ़ाकर आधुनिक 1500 कम्प्यूटर किए गए हैं।

एनएसएस के स्थापना दिवस व गांधी जयंती पर विशेष पखवाड़ा आयोजित हुआ। इस दौरान कोरोना जागरूकता के लिए सेल्फी, रक्तदान जागरूकता सहित कई कार्यक्रम ऑनलाइन हुए। विवि के कुलसचिव गौरव शुक्ला ने कोरोना वारियर्स काे सम्मानित किया। कुलसचिव शुक्ला ने बताया कि विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों को अपडेट करने के लिए आईटेक से लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (एलएमएस) पर प्राध्यापकों को प्रशिक्षण दिया गया है। इसमें ऑनलाइन टीचिंग जिसमें सभी टीचिंग टूल का उपयोग करना बेहतरी से सिखाया गया है। आईटेक में लाइव ऑनलाइन क्लासेस, रिकार्डेड वीडियो और स्टडी मटेरियल उपलब्ध रहेगा। इसमें विद्यार्थी कहीं भी कभी भी लाॅगिन कर अपने कोर्स की पढ़ाई कर सकता है। सबसे महत्त्वपूर्ण बात यह है कि इस साफ्टवेयर में उपयोग किया गया बैंड विथ इतना कम है कि ग्रामीण अंचल के विद्यार्थी भी कम बैंडविथ में भी आसानी से नेट उपयोग करके पढ़ाई कर सकते हैं।

विदेशी शिक्षण संस्थानों से हुआ एमओयू : कुलसचिव शुक्ला ने बताया कि प्राध्यापकों और विद्यार्थियों को ऑनलाइन टीचिंग और लर्निंग के गुरू सिखाने के लिए 5 विदेशी शिक्षण संस्थानों के विश्वविद्यालय ने एमओयू भी किया है। इसके माध्यम से सप्ताह में एक से दो दिन प्राध्यापकों और विद्यार्थियों को उन संस्थानों के प्राध्यापक जानकारी दे रहे हैं। डाॅ. सीवी रामन् विश्वविद्यालय के ट्रेंनिंग एंड प्लेसमेंट आफिसर डाॅ. राजीव पीटर्स को डेर्नजिक बिजनेस साॅलूशन और फेडरेशन आफ क्वालिटी एजुकेशन काउंसिल के द्वारा मोस्ट एक्टिव ट्रेनिक एंड प्लेसमेंट आफिसर का एवार्ड प्रदान किया गया है। यह नेशनल एवार्ड प्राप्त होने के बाद डाॅ. पीटर्स ने बताया कि सीवीआरयू का उद्देश्य सिर्फ शिक्षा देना ही नहीं, बल्कि उनके बड़ी से बड़ी कंपनियों में जाॅब दिलाना भी है।

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