अमित जोगी की जाति मामले पर सुनवाई आज

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बिलासपुर. छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (CJCJ) अध्यक्ष अमित जोगी का जाति विवाद मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। इसको लेकर बुधवार 18 नवंबर को कोर्ट में सुनवाई होगी। अमित जोगी ने याचिका दायर कर छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अन्य पिछड़ा वर्ग नियम 2013 में सितंबर-अक्टूबर 2020 में हुए अनु संशोधन को कानून विरुद्ध बताते हुए उसे निरस्त करने की मांग की है।

राज्य के पहले मुख्यमंत्री स्वर्गीय अजीत जोगी के पुत्र और CJCJ अध्यक्ष अमित जोगी ने बताया कि 27 अक्टूबर 2013 को उनके प्रार्थना पर तहसीलदार ने अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र दिया। इसी प्रमाण पत्र के आधार पर उन्होंने मरवाही क्षेत्र से चुनाव लड़कर जीत हासिल की थी। इसको फर्जी बताते हुए समीरा पैकरा व संत कुमार नेताम ने जाति प्रमाण पत्र उच्च अधिकार समिति से जांच का अनुरोध किया था।

जिला प्रमाण पत्र समिति ने 4 जुलाई 2020 को अमित जोगी को कारण बताओ नोटिस जारी किया। इसके बाद मामला रायपुर स्थित राज्य की उच्च प्रमाण पत्र समिति को भेजा गया। इसी बीच अमित जोगी ने अक्टूबर में एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की। उन्होंने 24 सितंबर 2020 में नियमों का अनु संशोधन को गैरकानूनी व भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन बताते हुए निरस्त करने की मांग रखी है।

इस पर 18 नवंबर 2020 को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश अजय मानिकराव खानविलकर, न्यायाधीश विनीत सरण और न्यायाधीश भूषण रामकृष्ण गवई की खंडपीठ में सुनवाई होगी। मामले में समीरा पैकरा की ओर से छत्तीसगढ़ के पूर्व महाधिवक्ता व सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता जेके गिल्डा और संत कुमार नेताम के तरफ से अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव पैरवी करेंगे।

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