अफ्रीकी जंगल में रहने वाले ‘रियल लाइफ मोगली’ को गांववालों ने ठुकराया, अब मिल रही है क्राउडफंडिंग

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अफ्रीका के जंगलों में रहने वाले और हर रोज लगभग 30 किलोमीटर चलने वाले एक 21 वर्षीय युवक की तस्वीर इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है. इस युवक को अलग दिखने के कारण गांव से बाहर निकाल दिया गया था लेकिन अब उसे लोगों का समर्थन मिल रहा है. दरअसल अफ्रीका के रवांडा का रहने वाले जांजिमन ऐली की शक्ल-सूरत अलग होने की वजह से उसे रियल लाइफ मोगली कहा जाता है. लोगों द्वारा उसे बंदर कहकर मजाक उड़ाए जाने की वजह से जांजमिन अपना ज्यादातर समय जंगल में ही बिताता है.

1999 में पैदा हुआ जांजमिन ऐली बचपन से ही माइक्रोसेफली नामक एक विकार से पीड़ित है. इस डिसऑर्डर की वजह से उसका सिर अन्य बच्चों के मुकाबले काफी छोटा है. जांजमिन की मां ने एक टीवी को दिए इंटरव्यू में बताया कि उसके पैदा होने से पहले वह अपने पांच बच्चों को खो चुकी है. वह बताती हैं कि ऐली को स्थानीय लोग उसके सिर छोटा होने के वजह से काफी चिढ़ाते हैं और परेशान करते हैं. उसे सुनने और देखने में भी काफी दिक्कत है. वह कभी स्कूल भी नहीं जा सका क्योंकि वहां भी उसे बच्चों द्वारा परेशान ही किया गया.

बता दें कि रियल लाइफ मोगली जाजमिन ऐली की कहानी दुनिया के सामने लाने वाले अफ्रीमैक्स टीवी ने एक क्राउडफंडिंग पहल की शुरूआत की है. चैनल ने ऐली और उसके परिवार की मदद के लिए एक GoFundMe पेज बनाया है और इस पेज पर लिखा गया है कि, ‘चलो इस सिंगल मदर को इस बच्चे को पालने में मदद करें क्योंकि वह बेरोजगार है. इस कारण उसका युवा बेटा भोजन के लिए जंगल में जाने और घास खाने के लिए मजबूर है. आइए इस लड़के और उसकी माँ के जीवन में योगदान दें और इसे बचाएं.’ टीवी द्वारा की गई इस पहल के बाद से लोगों ने जाजमिन से सहानुभूति रखते हुए क्राउडफंडिंग के जरिए उसके लिए फंट जुटाने की कोशिश की है. बता दें कि लोगों ने अभी तक फंड के तौर पर 3,958 डॉलर यानी 2,92,017 रुपये जुटाए हैं. वहीं द सन की रिपोर्ट के मुताबिक, रियल लाइफ मोगली ऐली ने जंगल में रहकर कई तरह की ट्रिक्स भी सीख ली हैं. वो कई किलोमीटर तक पैदल चल सकता है. इतना ही नहीं वो पेड़ों पर भी बेहत फुर्ती के साथ चढ़ जाता है.

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